रिकॉर्ड बना, अब विवाद! लिम्का बुक में दर्ज धौज गांव फिर सुर्खियों में

फरीदाबाद 
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में एक टेरर मॉड्यूल मामले के सामने आने के बाद धौज गांव चर्चा में है, लेकिन इसी के साथ गांव की छवि को नुकसान पहुंचने की बात भी जोर पकड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 2001 में धौज गांव का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है।

रिटायर्ड एडिशनल सेशन जज अब्दुल माजिद ने भी पुलिस और खुफिया विभाग पर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जब थाना महज एक किलोमीटर दूरी पर है, तो फिर पुलिस को इस टेरर मॉड्यूल की कोई जानकारी क्यों नहीं मिली? ग्रामीणों ने बताया कि धौज गांव में सभी बिरादरी के लोग आपसी भाईचारे के साथ रहते हैं और गांव में इससे पहले कभी भी इस तरह की कोई घटना नहीं हुई। लोगों का कहना है कि कुछ व्यक्तियों की गतिविधियों के आधार पर पूरे गांव को बदनाम करना ठीक नहीं है।

जांच में सामने आया नाम हाजी मद्रासी का भी ग्रामीणों ने बचाव किया। जानकारी के अनुसार, हाजी मद्रासी ने मुजम्मिल को किराए पर कमरा दिया था, लेकिन उन्हें उसके बारे में केवल इतना पता था कि वह एक बड़ा डॉक्टर है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति के पेशे या उससे मिलने-जुलने वाले लोग उसके किसी अवैध गतिविधि से जुड़े हों, यह मान लेना गलत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरी जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और गांव की छवि को बिना वजह धूमिल न किया जाए। 

 

#Dhauj village is listed in the Limca Book of Records

Source : Agency

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