दरभंगा
शहर की प्रमुख जनसमस्याओं के समाधान को लेकर नगर निगम सामान्य बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। महापौर अंजुम आरा की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजस्व संग्रह को ऑनलाइन करने, बंदरों के आतंक से निपटने, अतिक्रमण हटाने, कचरा वाहनों की मरम्मत और शहर के सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। सदन ने कई प्रस्तावों को मंजूरी दी, जबकि पार्षदों ने विभिन्न जनसमस्याओं को जोरदार ढंग से उठाया।
ऑनलाइन होगी राजस्व वसूली
बैठक में नगर निगम की आय बढ़ाने और राजस्व संग्रह प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही एजेंसी के माध्यम से राजस्व संग्रह के लिए निविदा जारी करने पर भी सहमति बनी। निगम का मानना है कि इससे राजस्व वसूली अधिक प्रभावी होगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा।
बंदरों के आतंक पर बनी विशेष टीम
शहर में बढ़ते बंदरों के आतंक का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा। पार्षद नवीन सिन्हा ने कहा कि लंबे समय से लोग बंदरों के कारण परेशान हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
इस पर महापौर अंजुम आरा ने नगर निगम की चार सदस्यीय टीम गठित करने की घोषणा की। यह टीम वन विभाग के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम करेगी।
अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण की मांग
पार्षद रवि रोहन ने मिर्जापुर चौक से इनकम टैक्स चौराहा तक फैले अतिक्रमण को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की। वहीं वार्ड 45 के पार्षद देव कृष्ण झा उर्फ कोमल झा ने चट्टी गुमटी से 22 नंबर गुमटी तक करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण से लोगों को हो रही परेशानी का मुद्दा उठाया।
पार्षद विश्वपति मिश्रा ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों का आकर्षक सौंदर्यीकरण कराने की आवश्यकता बताई, जबकि वार्ड 23 की पार्षद चांदनी देवी ने नदी और पोखरों पर घाट निर्माण का प्रस्ताव रखा।
कचरा वाहनों पर लापरवाही पर नाराजगी
बैठक में लंबे समय से 15 कचरा वाहनों के खराब पड़े रहने पर पार्षदों ने निगम अधिकारियों और कर्मियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। पार्षदों ने कहा कि समय पर मरम्मत नहीं होने से कई वार्डों में नियमित कचरा उठाव प्रभावित हो रहा है और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सदन ने संबंधित कर्मियों को 15 दिनों के भीतर सभी वाहन चालू कराने का निर्देश दिया। तय समय में कार्य पूरा नहीं होने पर 25 प्रतिशत वेतन कटौती और कार्य पूरा होने तक वेतन रोकने की चेतावनी भी दी गई।
दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता पर जोर
पार्षद राकेश रोशन चौधरी ने नगर निगम की दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग की। उनका कहना था कि स्पष्ट और निष्पक्ष व्यवस्था से विवाद की संभावनाएं कम होंगी और पात्र लोगों को लाभ मिल सकेगा।
चलंत शौचालय की बदहाली का मुद्दा उठा
सांसद प्रतिनिधि ठाकुर भूपेंद्र किशोर (गुड्डू) ने नगर निगम कार्यालय के बाहर वर्षों से अनुपयोगी पड़े चलंत शौचालय का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि शौचालय के पहिए चोरी हो चुके हैं और उसका एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई और न ही पहियों की चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
जनसुविधाओं पर दिए गए कई सुझाव
विधान परिषद प्रतिनिधि आशुतोष कुमार ने शहर में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, स्वच्छता व्यवस्था, यातायात सुधार और जनहित से जुड़े कई सुझाव दिए। बैठक में नगर आयुक्त राकेश गुप्ता, सिटी मैनेजर रवि अमरनाथ, डीएमसीएच के उपाधीक्षक डॉ. अमित कुमार झा सहित बड़ी संख्या में पार्षद, निगम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। बैठक में पारित प्रस्तावों के जल्द क्रियान्वयन पर भी जोर दिया गया।
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