पटियाला
सरकारी अस्पतालों में मरीजों पर दवाओं के प्रतिकूल असर की शिकायतों के बाद पंजाब सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने तीन फार्मा कंपनियों की आठ दवाओं के उपयोग और खरीद पर तत्काल रोक लगा दी है। यह आदेश राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में लागू रहेगा।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जिन दवाओं से मरीजों को नुकसान हुआ है, उनके नमूने जांच के लिए भेज दिए गए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रोक लगी दवाओं में नॉर्मल सेलाइन, डेक्सट्रोज इंजेक्शन, सिप्रोफ्लॉक्सासिन इंजेक्शन, डीएनएस 0.9%, एनआई2 + डेक्सट्रोज आईवी फ्लूइड और बुपिवाकेन एचसीएल विद डेक्सट्रोज इंजेक्शन शामिल हैं। इनका निर्माण 2023 से 2025 के बीच हुआ है, जबकि एक्सपायरी 2026 से 2028 तक की है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी सिविल सर्जनों और अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि इन दवाओं का उपयोग तुरंत बंद किया जाए और उपलब्ध स्टॉक को सुरक्षित रखकर रिपोर्ट भेजी जाए। विभागीय पत्र में कहा गया है कि कुछ अस्पतालों में इन दवाओं से प्रतिकूल प्रतिक्रिया के मामले सामने आए हैं, इसलिए एहतियात के तौर पर इनके उपयोग को अगली सूचना तक रोका गया है।
#Major action by the Health Department
Source : Agency
