चंडीगढ़.
भीषण गर्मी के कारण पहाड़ों में जमी बर्फ पिघलने से नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले कुछ दिनों के दौरान ब्यास नदी के पानी में भी भारी वृद्धि होने की खबर मिली है। सूत्रों के अनुसार पिछले 4 दिनों के भीतर ही करीब 10 हजार क्यूसेक पानी बढ़ने की पुष्टि हुई है।
हालांकि, अभी इन नदियों में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन फिर भी ब्यास नदी के किनारे बसे किसानों और गुर्जर बिरादरी के लोगों के लिए यह चिंता का विषय जरूर बन गया है। यह भी पता चला है कि पोंग डैम में भी पानी का स्तर 20 फीट से अधिक की ऊंचाई पर जा चुका है। डैम की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन नदियों में किसी भी समय और पानी छोड़ा जा सकता है।
इस नाजुक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सब-डिवीजनल मेजिस्ट्रेट बाबा बकाला साहिब के कार्यालय में एक फ्लड कंट्रोल रूम (बाढ़ नियंत्रण कक्ष) भी स्थापित किया जा चुका है। यह कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे नदी के जलस्तर और आसपास के हालातों पर पैनी नजर रखेगा ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का तुरंत सामना किया जा सके।
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